सांचौर क्षेत्र में लगातार चोरीया, गिरफ्तारी शून्य: प्रशासन की अनदेखी से भड़के ग्रामीण, पुलिस को दिया अल्टीमेट
सांचौर के चितलवाना उपखंड क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं और पुलिस द्वारा अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। न्याय और सुरक्षा की मांग को लेकर उपखंड कार्यालय चितलवाना के सामने शुरू की गई अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल गुरुवार को दूसरे दिन भी जारी रही।

ग्रामीणों का कहना है कि चितलवाना तहसील के चारणीम, केरिया, रतौड़ा सहित आसपास के गांवों में बीते लंबे समय से अज्ञात चोरों द्वारा रात्रि के समय घरों और मंदिरों को निशाना बनाकर लाखों रुपये की चोरी की घटनाएं की गई हैं। पुलिस थाना चितलवाना में अलग-अलग प्रकरण दर्ज होने के बावजूद आज तक किसी भी मामले का खुलासा नहीं हो सका, जिससे चोरों के हौसले बुलंद हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि 12 जनवरी 2026 को उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया था, जिस पर थानाधिकारी द्वारा 10 दिन में कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

न्याय की मांग को लेकर 28 जनवरी से नरसीराम प्रजापत, नागजीराम कोली, केसाराम भील, प्रेमाराम मेघवाल और रायचंदराम रावणा राजपूत निवासी चारणीम भूख हड़ताल पर बैठे हैं। दूसरे दिन 29 जनवरी को ईश्वरलाल पुरोहित रतौड़ा, हकमाराम प्रजापत, परखाराम देवासी, कृष्णराम भील और हरचंदराम कोली भी आंदोलन में शामिल हो गए।

धरनार्थियों का कहना है कि लगातार उपवास के कारण स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ और कोई अप्रिय घटना घटती है तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

इस दौरान पूर्व मंत्री सुखराम बिश्नोई भी धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने धरनार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण धरना देना सभी का अधिकार है। पुलिस प्रशासन को समय रहते चोरी की वारदातों का खुलासा कर आमजन में विश्वास कायम रखना चाहिए। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले समय में आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।

ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि सभी चोरी की घटनाओं का शीघ्र खुलासा हो, आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए, क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और आमजन को सुरक्षा का भरोसा दिलाया जाए। फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलने से आंदोलन के और तेज होने की आशंका जताई जा रही है।


