जालौर (राजस्थान), 20 मार्च 2025। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक युवा एथलीट का जैवलिन थ्रो वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक युवक को बेहद प्रभावशाली अंदाज में भाला फेंकते देखा जा सकता है। लेकिन इस वीडियो के साथ जो जानकारी फैलाई जा रही है, वह पूरी तरह भ्रामक है।
कौन है यह प्रतिभाशाली युवक?
वायरल वीडियो में दिख रहा युवक हरीश, पुत्र गणेशाराम है। हरीश बिहार का नहीं, बल्कि राजस्थान के जालौर जिले के छोटे से गांव भवरानी का मूल निवासी है। वह वर्तमान में पीएम श्री सरकारी स्कूल भवरानी में कक्षा 11 का छात्र है।
हरीश की इस प्रतिभा को निखारने में उसके कोच दिनेश कुमार राव की अहम भूमिका रही है, जिनके मार्गदर्शन में इस युवा एथलीट ने जैवलिन थ्रो में उल्लेखनीय दक्षता हासिल की है। हरीश अब तक राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा ले चुका है।
हमारे सहयोगी से बातचीत में हरीश ने बताया, इन सभी पेजेज ने बिना जानकारी जुटाए पोस्ट करदी.
कैसे फैली गलत जानकारी?
सोशल मीडिया पर इस वीडियो को “बिहार के लड़के” के रूप में टैग करके वायरल किया गया। Indians समेत कई बड़े और प्रतिष्ठित पेजेज ने बिना तथ्य जांचे इस वीडियो को लाखों फॉलोअर्स तक शेयर कर दिया, जिससे यह गलतफहमी तेजी से फैल गई।
बिहार की मंत्री ने भी किया कमेंट
मामला इतना आगे बढ़ गया कि बिहार सरकार में मंत्री श्रेयसी सिंह — जो खुद एक अंतरराष्ट्रीय शूटर रह चुकी हैं — ने वायरल वीडियो देखकर पोस्ट पर कमेंट करते हुए इस प्रतिभावान युवक की सही जानकारी जुटाने की अपील की। यह प्रसंग इस बात का प्रमाण है कि वायरल भ्रामक जानकारी किस हद तक पहुंच सकती है।

ग्रामीण प्रतिभाओं की अनदेखी और सोशल मीडिया की जिम्मेदारी
यह घटना एक बड़े सवाल को भी जन्म देती है। राजस्थान के सुदूर गांव भवरानी में पला-बढ़ा एक साधारण परिवार का बेटा जब अपनी प्रतिभा से देशभर का ध्यान खींचता है, तो उसकी सही पहचान सामने आनी चाहिए — न कि किसी दूसरे राज्य का नाम जोड़कर श्रेय बांटा जाना चाहिए।
सोशल मीडिया पेजेज की यह जिम्मेदारी बनती है कि किसी भी वीडियो या खबर को वायरल करने से पहले उसकी तथ्य-जांच (Fact Check) अवश्य की जाए।
हरीश को चाहिए सही पहचान और सरकारी सहयोग
फिलहाल जरूरत इस बात की है कि राजस्थान सरकार और खेल विभाग इस प्रतिभाशाली युवा एथलीट की सुध लें। सही प्रशिक्षण सुविधाएं, आर्थिक सहयोग और राष्ट्रीय स्तर पर मंच मिले तो हरीश जैसे युवा भविष्य में भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर सकते हैं।


