हत्याकांड को हादसा दिखाने की कोशिश, लेकिन CCTV, कॉल डिटेल और पुलिस पूछताछ ने खोला पूरा खेल-प्रेमी संग साजिश रचने वाली पत्नी ही बनी मर्डर की मास्टरमाइंड।
डीडवाना-कुचामन में सामने आए एक हैरान कर देने वाले मामले ने रिश्तों पर भरोसा हिला दिया है। यहां एक महिला ने अपने प्रेमी और उसके साथी के साथ मिलकर अपने ही पति की हत्या की साजिश रची और वारदात के बाद ऐसे मासूम बनकर रोई मानो सबकुछ उसके सामने ही उजड़ गया हो।

पुलिस के अनुसार 29 नवंबर की रात गच्छीपुरा थाना क्षेत्र के बोरवाड़ रोड पर 24 वर्षीय सुरेंद्र उर्फ सुरेश का शव बरामद हुआ था। शुरुआत में इसे सड़क हादसा मान लिया गया था, लेकिन गले और पीठ पर मिले गहरे घावों ने पुलिस को शक में डाल दिया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में साफ हो गया कि सुरेंद्र का गला धारदार हथियार से काटा गया था, जिसके बाद केस का रुख एक्सीडेंट से मर्डर की ओर मुड़ गया।

पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो एक बाइक पर संदिग्ध दो युवक दिखाई दिए, जिसकी नंबर प्लेट भी फर्जी निकली। संदेह के आधार पर जीवणराम नामक युवक को हिरासत में लिया गया तो पूछताछ में राजूराम का नाम सामने आया। जब पुलिस ने दोनों पर सख्ती की, तब इस पूरे हत्याकांड की परतें खुलीं और सामने आया कि पूरी प्लानिंग मृतक की पत्नी रेखा ने नागपुर में बैठकर की थी।

रेखा ने ही सुरेंद्र की मूवमेंट, लोकेशन और रास्ते की जानकारी प्रेमी को भेजी थी। आरोपी फर्जी नंबर प्लेट की बाइक पर पीछे-पीछे लगे और बीच रास्ते में गाड़ी खराब होने का बहाना बनाकर सुरेंद्र को रुकवाया। जैसे ही उसने हेलमेट उतारा, दोनों ने उस पर चाकू से लगातार वार किए और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बाद में शव को सड़क किनारे फेंककर एक्सीडेंट का रूप देने की कोशिश की गई। पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपी मोबाइल भी साथ नहीं लाए थे।

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि वारदात के ठीक बाद रेखा फ्लाइट से किशनगढ़ पहुंची और पहली बार ससुराल जाकर शोकसभा में शामिल हुई जहां वह रोती-बिलखती दिखाई दी। लेकिन पुलिस की जांच और कॉल रिकॉर्डिंग ने उसके रचे ड्रामे की पूरी पोल खोल दी। जानकारी के अनुसार रेखा की शादी 2018 में हुई थी, लेकिन वह कभी ससुराल में नहीं रही। 2020 में कुचामन में कोचिंग के दौरान उसका संपर्क राजूराम से हुआ और वहीं से प्रेम संबंध शुरू हुए। बीएससी पूरी करने के बाद वह नागपुर में अपने पिता के साथ रहने लगी और वहीं से वाई-फाई कॉलिंग के जरिए पिछले तीन महीनों से हत्या की प्लानिंग चल रही थी।

सात दिन की जांच के बाद पुलिस ने रेखा, राजूराम और जीवणराम को गिरफ्तार कर लिया है। सुरेंद्र एक निजी स्कूल में शिक्षक था और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। किसान परिवार में जन्मे सुरेंद्र ने जिंदगी में आगे बढ़ने के सपने देखे थे, जिन्हें उसकी ही पत्नी ने खत्म कर दिया।


