डमी कैंडिडेट केस में एसओजी की कार्रवाई, चितलवाना का संपतलाल माली गिरफ्तार, अन्य संदिग्धों की जांच तेज
सांचौर. वरिष्ठ अध्यापक भर्ती-2022 में डमी अभ्यर्थी बैठाकर परीक्षा दिलाने के मामले में एसओजी ने दो साल से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार किया है। चितलवाना क्षेत्र के रतनपुरा निवासी संपतलाल माली (28) पुत्र लक्ष्मणराम माली पर आरोप है कि उसने आरपीएससी की वरिष्ठ अध्यापक (विज्ञान) भर्ती परीक्षा में स्वयं उपस्थित न होकर डमी अभ्यर्थी के माध्यम से परीक्षा दिलाई। परीक्षा लीक होने के बाद दोबारा आयोजित परीक्षा में भी उसने यही तरीका अपनाया।

जानकारी के अनुसार 24 दिसंबर 2022 को सामान्य ज्ञान एवं शैक्षिक मनोविज्ञान तथा विज्ञान विषय की परीक्षा आयोजित हुई थी। सामान्य ज्ञान का पेपर लीक होने के कारण इसे रद्द कर 29 जनवरी 2023 को पुनः परीक्षा कराई गई। एसओजी जांच में सामने आया कि संपतलाल ने दोनों ही अवसरों पर डमी अभ्यर्थी बैठाकर परीक्षा दिलवाई। इसके बाद उसका विज्ञान विषय में वरिष्ठ अध्यापक पद पर चयन हो गया, लेकिन एसओजी द्वारा 27 दिसंबर 2023 को प्रकरण दर्ज किए जाने के बाद उसने नियुक्ति ग्रहण नहीं की और फरार हो गया।

मामले में जयपुर महानगर के अपर जिला एवं सेशन न्यायालय की ओर से आरोपी के खिलाफ स्थायी वारंट जारी किया गया था। इसके बाद एसओजी ने उस पर पांच हजार रुपए का इनाम घोषित किया। एसओजी के एएसपी प्रकाश कुमार शर्मा ने बताया कि गुरुवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है तथा भर्ती घोटाले से जुड़े अन्य संदिग्धों के संबंध में पूछताछ की जा रही है।

गौरतलब है कि इस भर्ती में विज्ञान विषय के चयनित अभ्यर्थियों में से 14 को संदिग्ध माना गया था। आरपीएससी के सहायक सचिव सायरमल कुम्हार की रिपोर्ट पर 27 दिसंबर 2023 को एसओजी ने परीक्षा अधिनियम व धोखाधड़ी सहित नौ धाराओं में मामला दर्ज किया था। दस्तावेज सत्यापन के दौरान आवेदन के समय और काउंसलिंग के समय की फोटो व हस्ताक्षरों में मिसमैच पाए गए थे। आयोग की ओर से दो बार व्यक्तिगत सुनवाई के लिए बुलाए जाने के बावजूद कोई भी अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुआ, जिसके बाद प्रकरण दर्ज कराया गया।

इस भर्ती के 14 आरोपी, 2 पहले गिरफ्तार हो चुके, संपत पर 5 हजार का इनाम घोषित था : इस भर्ती में विज्ञान विषय में चयन पाने वालों में से 14 को संदिग्ध माना था। आरपीएससी के सहायक सचिव सायरमल कुम्हार ने 27 दिसंबर 2023 को एसओजी को रिपोर्ट दी। इस पर भर्ती में चयनित 14 अभ्यर्थियों के विरुद्ध परीक्षा अधिनियम व धोखाधड़ी सहित 9 धाराओं में केस दर्ज किया था। जिसमें जालोर जिले के चितलवाना में रतनपुरा निवासी सम्पतलाल, सांचौर के जैलातरा निवासी दिनेश कुमार पुत्र बाबूलाल, पमाणा निवासी दिनेश कुमार पुत्र आसूराम विश्नोई, परावा निवासी गोपाल सिंह भादू पुत्र तेजपाल सिंह, जैलातरा निवासी अशोक कुमार पुत्र मांगीलाल, करावड़ी निवासी मनोहर सिंह पुत्र मोहनलाल शामिल हैं।

वहीं बाड़मेर जिले के धोरीमन्ना में सुदाबेरी निवासी अशोक कुमार पुत्र हनुमानाराम विश्नोई, सेड़वा निवासी राजेंद्र पुत्र अमराराम, चौहटन के उपरला निवासी विमला पुत्री पांचाराम, धोरीमन्ना के प्रतापनगर निवासी दुर्गाराम पुत्र तोगाराम शामिल है। इसके अलावा करौली जिले के टोडाभीम में मोहनपुरा निवासी सत्यप्रकाश पुत्र रामकेश मीणा व सपोटरा तहसील के अनिल कुमार पुत्र रामराज मीणा शामिल हैं। टॉक के उनियारा में लसडिया निवासी अरुण कुमार पुत्र हनुमान प्रसाद मीणा और सवाई माधोपुर के बरनाला निवासी सुरताराम पुत्र रामलाल मीणा शामिल हैं। इनमें से जैलातरा निवासी दिनेश कुमार पुत्र बाबूलाल, पमाणा निवासी दिनेश कुमार पुत्र आसूराम विश्नोई पूर्व में गिरफ्तार हो चुके हैं।


