सांचौर। आईपीएस अधिकारियों की हाल ही में जारी तबादला सूची सांचौरवासियों के लिए राहत की सांस लेकर आई। बहुप्रतीक्षित इस सूची में आईपीएस कांबले शरण गोपीनाथ का नाम शामिल न होने से क्षेत्र में उत्सव का माहौल देखने को मिला। देर रात ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने जमकर पटाखे फोड़े, मिठाई बांटी और एक-दूसरे को बधाइयां दीं।

कांबले शरण गोपीनाथ ने सांचौर में पदस्थापना के बाद जिस प्रकार से नशा माफियाओं के खिलाफ कठोर अभियान चलाया, उसने आमजन का भरोसा जीत लिया है। चाहे शहर हो या गांव, ड्रग्स की तस्करी और नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के उनके प्रयासों की हर वर्ग सराहना कर रहा है। ग्रामीण युवाओं में भी अब जागरूकता देखने को मिल रही है। कई युवा गोपीनाथ के अभियान से प्रभावित होकर नशा छोड़ चुके हैं और समाज की मुख्यधारा में लौटने लगे हैं। व्यापारी वर्ग भी उनके निर्णयों और कार्यप्रणाली से संतुष्ट नजर आ रहा है। सूत्रों के अनुसार, कुछ समय तक कांबले शरण गोपीनाथ की सांचौर में ही तैनाती रहेगी और वे इसी जोश के साथ अपराधियों एवं ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ मोर्चा संभाले रहेंगे।

जनता की आवाज़ – “हमें हमारे कांबले साहब मिलते रहें”
सांचौर मुख्यालय से लेकर रानीवाड़ा, भीनमाल और ग्रामीण बेल्ट तक लोग यही कह रहे हैं कि कांबले साहब जैसे ईमानदार और एक्शन में रहने वाले अफसर वर्षों बाद देखने को मिले हैं।
नशा छोड़ो, कांबले से जुड़ो
उनकी प्रेरणा से कई युवाओं ने स्वयं आगे आकर नशा त्यागने की शपथ ली है। सामाजिक संगठनों से लेकर विद्यालयों तक में अब ‘कांबले मॉडल’ पर चर्चा हो रही है।

विश्लेषण : ट्रांसफर लिस्ट में नाम नहीं आना सिर्फ प्रशासनिक निर्णय नहीं, यह सांचौर की जनता की उस भावना का सम्मान है जो गोपीनाथ को एक योद्धा के रूप में देखती है। उनकी उपस्थिति न सिर्फ कानून व्यवस्था के लिए बल्कि सामाजिक परिवर्तन के लिए भी एक संजीवनी बन चुकी है।
सांचौर के प्रथम एसपी रह चुके इन्दोलिया अब जालोर एसपी : जालोर के एसपी ज्ञानचंद का तबादला कर उन्हें जयपुर एसओजी एसपी लगाया है। वहीं शैलेंद्र सिंह इंदौलिया को जालोर का एसपी लगाया है। इंदौलिया इससे पूर्व जोधपुर में पुलिस कमिश्नरेट मुख्यालय व यातायात पुलिस उपायुक्त कार्यरत रहे हैं। वहीं इन्दोलिया पूर्व में सांचौर जिले के विशेषाधिकारी (OSD) पुलिस व प्रथम एसपी रह चुके हैं।



