सोना, चांदी, डॉलर और नकदी बरामद; झाब, अजमेर, चितलवाना और सांचौर के युवक शामिल, BNS की संगठित अपराध की धाराएं लगीं
जालौर जिले के पुलिस थाना सांचौर एवं वृत्त सांचौर की स्पेशल टीम ने “ऑपरेशन खुलासा” के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चोरी और नकबजनी की घटनाओं में शामिल एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। टीम ने एक दर्जन से अधिक वारदातों का खुलासा करते हुए मुख्य सरगना सहित कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जिला पुलिस अधीक्षक ज्ञानचंद यादव के निर्देशन, आईपीएस कांबले शरण गोपीनाथ व वृत्ताधिकारी देवेंद्र सिंह के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने तकनीकी अनुसंधान व सटीक सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की।

प्रथम वारदात: 03 जुलाई 2025 को डबाल निवासी बाबूलाल पुत्र हरलाल ने रिपोर्ट दी थी कि 02 जुलाई की रात को मांगीलाल के मकान में ताले तोड़कर चोरों ने जेवरात, नकदी व अन्य सामान चुरा लिया। चोरी में 3 सोने की नथ, 2 सेट कुंडल, चांदी की थाली व अन्य सामान समेत करीब 70,000 रुपये नकद ले गए थे।

जांच व खुलासे: टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर सूचना के आधार पर भरत कुमार पुत्र बाबूलाल जाति पुरोहित निवासी खिरोड़ी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने एक दर्जन से अधिक वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया। उसके साथियों की भी पहचान कर कार्रवाई की गई।

गिरफ्तारी व बरामदगी: पुलिस ने भरत कुमार सहित कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें प्रकाश चौधरी, हीरालाल, दिनेश कुमार, लोकेश सोनी, मुकेश, गोविंद, पप्पू, प्रहलाद व गजेन्द्र शामिल हैं। आरोपियों के कब्जे से चोरी का माल बरामद किया गया जिसमें लगभग 4 किलो चांदी, 600 ग्राम सोना, नकदी, मोबाइल, अमरीकन डॉलर व विदेशी करेंसी शामिल हैं।

अन्य वारदातें: गिरोह ने सिर्फ सांचौर ही नहीं, बल्कि भीनमाल, सिवाना, जसवंतपुरा और अन्य इलाकों में भी चोरी की वारदातें की हैं। कई मकानों के ताले तोड़कर सोना-चांदी, नकदी व कीमती सामान चुराया गया।

अभियुक्त भरत कुमार का आपराधिक रिकॉर्ड: मुख्य सरगना भरत कुमार पूर्व में भी गंभीर अपराधों में लिप्त रहा है। उसके खिलाफ पहले से चार मामले दर्ज हैं, जिनमें तीन में चालान पेश हो चुका है और एक वर्तमान में पेंडिंग ट्रायल में है। पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़ी और भी वारदातों का खुलासा जल्द हो सकता है। जिला पुलिस अधीक्षक जालोर ने टीम की इस सफलता को सराहा है और जल्द ही शेष आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया है।

विशेष टीम की भूमिका: कार्रवाई में थानाधिकारी देवेन्द्रसिंह, हैडकांस्टेबल रामाराम, कांस्टेबल सुरेश, शिवकुमार, चेतन बालक, चुनीलाल सहित कई पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही। तकनीकी विश्लेषण में साइबर सेल व तकनीकी कोर टीम का भी विशेष योगदान रहा।


