सांचौर विधानसभा क्षेत्र के टांपी (चितलवाना) मुख्य बाजार में मंगलवार रात्रि को शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। देखते ही देखते पांच से 6 दुकानें आग की चपेट में आ गईं।स्थानीय ग्रामीण लगातार अपने स्तर पर पानी और अन्य साधनों से आग बुझाने की कोशिश करते रहे। लेकिन आग ने विकराल रूप धारण कर लिया है, जिससे काबू पाना बेहद मुश्किल हो गया था।

बताया जा रहा है कि आग की शुरुआत शार्ट सर्किट के कारण कॉस्मेटिक सामान की दुकान से हुई और तेजी से फैलकर आसपास की दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। लाखों रुपये का नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।

सबसे बड़ी चुनौती यह है कि लूणी नदी में पानी होने के कारण दमकल गाड़ियां समय पर नहीं पहुंच पाईं। सांचौर से रवाना हुई दमकल अब गांधव होते हुए टांपी पहुँची। तब तक ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने के प्रयास जारी रखे। जिसके बाद में दमकल की दो गाड़ियों ने मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पाया।

ग्रामीणों का आक्रोशः : आगजनी की इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। उनका कहना है कि जब चुनाव आते हैं तो नेता नेहड़ क्षेत्र में वोट मांगने जरूर पहुंच जाते हैं, लेकिन हमारे असली दुख-दर्द में कोई आगे नहीं आता। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आगजनी जैसी बड़ी घटना में न तो किसी नेता का फोन आया और न ही किसी तरह की मदद मिली। हमें सिर्फ वोट लेने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन संकट की घड़ी में हमें अपने हाल पर छोड़ दिया जाता है।

चितलवाना उपखंड के टांपी गांव में लगी भीषण आग पर काबू पाने में देर होने का बड़ा कारण फायर ब्रिगेड का सांचौर से पहुंचना रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि फायर ब्रिगेड की सुविधा चितलवाना मुख्यालय पर उपलब्ध होती तो समय रहते आग पर नियंत्रण पाया जा सकता था और भारी नुकसान से बचा जा सकता था। सांचौर से आने में फायर ब्रिगेड को लूनी नदी पार करने के कारण लंबा रास्ता तय करना पड़ा, जिससे देरी हुई और आग ने चार बड़ी दुकानों को अपनी चपेट में लेकर लाखों का नुकसान कर दिया।



