सफेद चादर की आड़ में ‘जहर की खेती’, 2600 वर्गमीटर में उगाई अफीम; एएनटीएफ ने दबोचा आरोपी
बालोतरा/जालोर। अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में Anti Narcotics Task Force ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपए कीमत की अफीम की फसल नष्ट कर दी। “ऑपरेशन शस्यविषम” के तहत 2428 अफीम के पौधे जब्त किए गए और मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के अनुसार सिवाना थाना क्षेत्र में गुप्त सूचना मिली थी कि खेत में अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही है। सूचना की पुष्टि के बाद एएनटीएफ और स्थानीय पुलिस की टीम ने दबिश दी।
सब्जियों और बाजरे के बीच छिपी थी अफीम : टीम जब खेत पर पहुंची तो पशु बाड़े के पीछे सफेद चादर की ओट में सब्जियों, बाजरा और अरंडी की फसल के बीच अफीम के पौधे लहलहाते मिले। कुछ पौधों पर डोडे पूरी तरह पक चुके थे। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी के आने का इंतजार किया और जैसे ही वह फसल देखने पहुंचा, उसे पकड़ लिया गया। जांच में सामने आया कि करीब 2600 वर्गमीटर क्षेत्र में खेती की गई थी। अनुमान है कि इससे लगभग 20 से 21 किलो अफीम और डेढ़ से दो क्विंटल डोडा चूरा तैयार हो सकता था।

10 साल से जुड़ा था नशे के कारोबार से : गिरफ्तार आरोपी हरजीराम पुत्र नजीराम (निवासी मालियों का वास, धुंबड़िया, थाना बागोड़ा, जिला जालोर; हाल निवासी कांखी, थाना सिवाना, जिला बालोतरा) है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह पिछले करीब 10 वर्षों से डोडा-पोस्त सेवन का आदी है और पूर्व में भी उसके खिलाफ मादक पदार्थ तस्करी के मामले दर्ज हैं।
पुलिस का कहना है कि आरोपी ने इंटरनेट से जानकारी लेकर खुद ही अफीम की खेती शुरू की थी ताकि ज्यादा मुनाफा कमा सके। क्यों रखा नाम ‘ऑपरेशन शस्यविषम’ ‘शस्य’ का अर्थ फसल और ‘विष’ का अर्थ जहर होता है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जिस तरह गुप्त तरीके से अफीम उगाई गई थी, वह समाज में जहर फैलाने जैसा है। इसी कारण इस कार्रवाई को “शस्यविषम” नाम दिया गया।

पहले भी हो चुकी हैं बड़ी कार्रवाइयां : हाल ही में फलोदी और उदयपुर क्षेत्र में भी अवैध खेती के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए एएनटीएफ ने सभी चौकियों को सघन निगरानी के निर्देश दिए हैं।
सूचना देने की अपील : पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मादक पदार्थों से संबंधित किसी भी सूचना के लिए नियंत्रण कक्ष नंबर 0141-2502877 या व्हाट्सऐप नंबर 9001999070 पर जानकारी दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
यह कार्रवाई दर्शाती है कि अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार सख्ती के साथ जारी


