DGGI की सांचौर में बड़ी कार्रवाई, फर्जी बिलों के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट का खेल; कई और लेन-देन जांच के दायरे में
सांचौर.कर चोरी और फर्जीवाड़े के एक बड़े मामले में डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) ने सांचौर में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। टीम ने सांचौर के प्रतिष्ठित सीमेंट व्यवसायी प्रेम कुमार देवासी को गिरफ्तार किया है। उस पर लगभग 6.5 करोड़ रुपये की जीएसटी हेराफेरी का आरोप है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि प्रेम कुमार ने फर्जी बिलों के माध्यम से ठेकेदारों को इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ दिलवाया, जबकि असल में माल की आपूर्ति हुई ही नहीं थी।

लंबे समय से चल रहा था फर्जीवाड़ा : DGGI अधिकारियों के अनुसार प्रेम कुमार देवासी काफी समय से ठेकेदारों को फर्जी बिल मुहैया करवा रहा था। इन बिलों के आधार पर जीएसटी पोर्टल पर गलत इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम किया जाता था। जांच में यह भी पाया गया कि कई बार केवल बिल जारी कर दिए जाते थे, जबकि असल में कोई लेन-देन या माल की डिलीवरी नहीं होती थी।

सरकारी खजाने को भारी नुकसान : अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि इस फर्जीवाड़े से सरकारी खजाने को करीब 6.5 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। हालांकि, अधिकारियों का मानना है कि यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है, क्योंकि अभी कई और संदिग्ध लेन-देन की जांच की जा रही है।

कोर्ट ने भेजा न्यायिक अभिरक्षा में : गिरफ्तारी के बाद DGGI टीम ने प्रेम कुमार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया, अधिकारियों ने बताया कि आरोपी से आगे भी पूछताछ की जाएगी ताकि इस पूरे फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके।

व्यापार जगत में हड़कंप : DGGI की इस कार्रवाई से सांचौर और आसपास के व्यापारिक क्षेत्रों में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले उदयपुर जीएसटी टीम द्वारा भी छापेमारी की गई थी। उसी कार्रवाई के बाद अब यह बड़ी गिरफ्तारी सामने आई है।

अधिकारियों का कहना है कि फर्जी बिलिंग का यह नेटवर्क काफी बड़ा हो सकता है, जिसकी परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं। फिलहाल मामले की जांच तेजी से जारी है।


