बाड़मेर के असली उम्मीदवार की जगह जालोर के दीपाराम ने दिया था पेपर, पुलिस को शक-पूछताछ में और नामों के खुलासे की उम्मीद।
आरपीएससी सेकंड ग्रेड टीचर भर्ती परीक्षा 2022 में फर्जीवाड़ा करने के आरोप में पुलिस ने एक डमी कैंडिडेट को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने 3 लाख रुपये लेकर असली अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दी थी।

अजमेर की सिविल लाइन्स थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जालोर जिले के भीनमाल थाना क्षेत्र के पुनासा निवासी दीपाराम बिश्नोई (31) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पहले ही मूल अभ्यर्थी जगदीश मेघवाल (जिला बाड़मेर) को पकड़ लिया था, जो इस पूरे षड्यंत्र का मुख्य पात्र माना जा रहा है।

काउंसलिंग में फोटो मिसमैच-वहीं हुआ पूरा फर्जीवाड़ा एक्सपोज : एडिशनल एसपी गणेशराम के अनुसार परीक्षा पास हो जाने के बाद जब आरपीएससी ने अभ्यर्थियों की काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू की, तब डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में मूल आवेदन और उपस्थिति पत्र में लगी तस्वीरों का मिलान हुआ। इसी दौरान फोटो मैच नहीं होने पर मामला संदेहास्पद लगा और फर्जीवाड़ा उजागर हो गया।

पहले भी जालोर से पकड़े गए कई अभ्यर्थी : पुलिस के अनुसार जालोर, सांचौर और भीनमाल क्षेत्र हाल के वर्षों में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़े का हॉटस्पॉट बनता जा रहा है। जांच एजेंसियों की मानें तो यह नेटवर्क अब संगठित रूप लेता जा रहा है और आरोपी दीपाराम से पूछताछ में अन्य नामों के सामने आने की संभावना है।

जांच जारी- और गिरफ्तारियों के संकेत : पुलिस का कहना है कि दीपाराम फरार चल रहा था और मुखबिर की सूचना पर उसे पकड़ा गया। अब उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है और जांच आगे बढ़ने पर नेटवर्क में जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी संभव है।


